बरेली, फरवरी 25 -- चिकित्सा शिक्षा को अधिक व्यवहारिक बनाने के लिए अब शासन ने नई पहल की है। शासन ने निर्देश जारी किया है कि अब शवों का पोस्टमार्टम राजकीय चिकित्सा शिक्षा महाविद्यालयों के साथ ही निजी मेडिकल कॉलेजों में भी होगा। इसके लिए सभी जिलों के सीएमओ को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य मेडिकल छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान (प्रैक्टिकल एजुकेशन) देना और शव परीक्षण की बारीकियों को बेहतर ढंग से समझाना है। शवों का पोस्टमार्टम अब तक जिला अस्पतालों या सरकारी मेडिकल कॉलेजों तक सीमित थी। दूसरी ओर, मेडिकल कॉलेजों में छात्रों को फोरेंसिक मेडिसिन के क्षेत्र में व्यावहारिक अनुभव के लिए मानव शरीर संरचना की जानकारी होना जरूरी है। इसे देखते हुए शासन ने यह पहल की है। नए निर्देशों के तहत, मेडिकल कॉलेजों के शव-विच्छेदन गृहों का उप...
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