लखनऊ, दिसम्बर 17 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। वायु प्रदूषण ने सांस के मरीजों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। अस्पतालों की ओपीडी में 30 प्रतिशत सांस के मरीज बढ़ गए हैं। वहीं विभाग में एक-एक बेड को लेकर भी आफत मच गई है। अस्थमा अटैक, निमोनिया व सीओपीडी (क्रॉनिक आब्सट्रेक्टिव पल्मोनरी डिसीज) के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। डॉक्टर बीमारी बढ़ने के पीछे सर्दी व प्रदूषण को मान रहे हैं। केजीएमयू, बलरामपुर, सिविल, लोहिया, लोकबंधु, राम सागर मिश्र हॉस्पिटल की ओपीडी में 30 प्रतिशत मरीजों की संख्या बढ़ गई है। केजीएमयू के रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग में सामान्य दिनों में विभाग की ओपीडी में लगभग 200 से 250 मरीज आते थे। अब यह संख्या 300 के पार पहुंच गई है। रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि कोहरे के कारण प्रदूषण के महीन कण वातावरण की निचली सतह पर ही ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.