एटा, नवम्बर 27 -- बढ़ते प्रदूषण से बच्चों की सेहत भी प्रभावित हो रही है। प्रदूषण से बच्चों को अस्थमा और सांस लेने में दिक्कत की परेशानी बढ़ रही है, जिससे अंजान अभिभावक बच्चों को उचित उपचार न दिलाकर झाड़-फूंक कराने में समय खराब कर रहे है। इससे बच्चे की हालत बिगड़ रही है। बालरोग चिकित्सक खुशबू अग्रवाल का कहना कि बढ़ते प्रदूषण से हवा बच्चों के लिए अनुकूल नहीं है। प्रदूषण वातावरण, बढ़ती सर्दी के कारण बच्चों में अस्थमा और सांस लेने की दिक्कत बढ़ रही है। दोनों ही बच्चे के फेफड़ो को प्रभावित कर रही है। जिसमें जरा सी असावधानी बरतने से बच्चों के जान पर बन सकती है। उन्होंने बताया कि बालरोग ओपीडी में इस तरह के 40 से 50 बीमार बच्चे प्रतिदिन आ रहे हैं, जिनमें से सांस लेने में दिक्कत वाले बच्चों को भांप दिलाकर राहत प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।...