नई दिल्ली, दिसम्बर 5 -- नई दिल्ली, का. सं.। राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर बताया है कि बार-बार नोटिस के बावजूद जुर्माना न भरने वाली 10 औद्योगिक इकाइयों से अब बकाया राशि भू-राजस्व की तरह वसूली जाएगी। यह जानकारी वरुण गुलाटी की ओर से दायर याचिका के मामले की सुनवाई के दौरान दी गई। मामले की सुनवाई एनजीटी की प्रधान पीठ ने की। डीपीसीसी ने बताया कि यमुनापार इलाके में कुल 11 इकाइयों को पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जमा करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से सिर्फ एक इकाई ने ही निर्धारित राशि जमा की। शेष 10 इकाइयों ने न जुर्माना अदा किया और न ही नोटिस का जवाब दिया। समिति की ओर से हलफनामा दाखिल कर बताया गया कि ...