संभल, अगस्त 29 -- धान की फसल पर बीमारियों का कहर और कीटनाशकों पर अस्थाई प्रतिबंध किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शासन के निर्देश पर जिले में 60 दिनों के लिए 11 प्रचलित कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है, जिससे किसानों में असमंजस की स्थिति बन गई है। किसान जैसे ही बीमारी से लड़ने के लिए अपने पुराने, भरोसेमंद कीटनाशकों को खरीदने दुकानों पर पहुंचते हैं, दुकानदार उन्हें नए विकल्प थमा देते हैं। लेकिन इन नए कीटनाशकों को लेकर न तो किसानों में भरोसा है, न ही जानकारी। ग्राम अजहरा के किसान सुरेश ध्रुव बताते हैं, "हम तो हर साल वही दवा लेते थे, जो असरदार साबित हुई थी। अब बोलते हैं कि वह दवा प्रतिबंधित है। जो नई दवा दे रहे हैं, उसका असर होगा या नहीं, पता नहीं। जिन कीटनाशकों पर रोक लगी है, वे लम्बे समय से किसानों के बीच लोकप्रि...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.