चतरा, दिसम्बर 13 -- प्रतापपुर, निज प्रतिनिधि। प्रतापपुर प्रखंड के रामपुर, बभने और योगियारा पंचायतों में जन्म प्रमाणपत्र घोटाले का मामला अब झारखंड विधानसभा शीतकालीन सत्र में जोरदार तरीके से उठ गया है। चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने सदन में इसे गंभीरता से रखते हुए बताया कि डेढ़ वर्ष में 15,835 प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। जबकि इन पंचायतों की आबादी भी इतनी नहीं है। सरकार की ओर से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्वीकार किया कि प्रतापपुर में बड़े पैमाने पर फर्जी प्रमाणपत्र जारी हुए हैं। जांच में 15,835 में से 15,795 प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। मंत्री ने कहा कि ऐसे प्रमाणपत्र अवैध संपत्ति हस्तांतरण और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराधों को बढ़ावा देते हैं। एसडीओ की जांच में सामने आया कि पंचायत सचिवों ने बीडीओ के निर्देश पर निबंधन की आईडी पासवर्ड निजी ऑपरेटर...