जमशेदपुर, फरवरी 19 -- जमशेदपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में संताल समाज के प्रकृति पर्व 'बाहा' की तैयारियां अब अपने परवान पर हैं। फाल्गुन मास के आगमन के साथ ही संताल बस्तियों में उल्लास का माहौल है और शुद्धिकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पर्व न केवल फूलों का उत्सव है, बल्कि यह मनुष्य और प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक भी माना जाता है। इस वर्ष बाहा पर्व के लिए विभिन्न गांवों और सामाजिक संगठनों द्वारा तिथियों का निर्धारण कर लिया गया है, जिसके अनुसार आगामी 21 फरवरी से अतु बाहा यानी ग्राम स्तर पर उत्सव की शुरुआत हो जाएगी।छोलागोड़ा और उसके समीपवर्ती क्षेत्रों में पर्व की रूपरेखा स्पष्ट हो चुकी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 21 फरवरी शनिवार को 'बोंगा उम नड़का' यानी पहले दिन शुद्धिकरण और स्नान की रस्म निभाई जाएगी। इसके अगले दिन 22 फर...