हाजीपुर, जुलाई 30 -- महुआ, एक संवाददाता खरीफ फसल धान की रोपनी महुआ इलाके में अब अंतिम चरण में है। इधर बारिश होने के कारण किसान पंप सेट चला कर धान की रोपनी युद्ध स्तर पर किए हैं। हालांकि प्रकृति को देखते हुए 20 प्रतिशत किसान धान की रोपनी से मुंह मोड़ भी लिया है। मंगलवार को यहां कई किसानों ने बताया कि धान की रोपनी को छोड़कर दूसरी फसल लग रहे हैं। किसानों ने बताया कि मौसम की धोखेबाजी हो रही है। जितनी बारिश होनी चाहिए, उतना नहीं हो रही है। अभी तो पंपसेट चला कर धान की रोपनी कर लेंगे लेकिन बाद में बारिश की त्रुटि होने से इस फसल को मन मुताबिक लेना संभव नहीं है। मौसम की प्रतिकूलता को देखते हुए खेतों में धान की जगह मकई, ज्वार, बाजरा, दलहन, सब्जी, मिर्चा आदि लगाए हैं। किसानों का खाना है कि धान की उपज लेने के लिए मौसम का अनुकूल होना जरूरी है। कई किसा...
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