रांची, अक्टूबर 16 -- रांची, संवाददाता। प्रकृति और संस्कृति को सम्मान देने के लिए शहर में पहली बार डहरे सोहराय उत्साह गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। बृहद झारखंड संस्कृति कला मंच के इस आयोजन में राज्य के कई जिलों से हजारों संस्कृति प्रेमी जुटे। इसकी शुरुआत मोरहाबादी मैदान से सोहराय पदयात्रा के साथ हुई। पारंपरिक परिधान पहने युवक-युवतियां नाचते-गाते और ढोल-मांदर बजाते हुए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम तक पहुंचे। इस बीच सभी का जगह-जगह स्वागत किया गया। मौके पर जेएलकेएम के उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि सोहराय केवल एक पर्व नहीं, यह हमारे फसल और पशुधन के प्रति आभार का प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से हम अपनी धरती, खेती, पशु और परंपराओं को सम्मान देते हैं। अखाड़ा में पारंपरिक नृत्य-संगीत का घुला रंग स्टेडिय...
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