नई दिल्ली, जनवरी 7 -- किसी से अपने दिल की बात कहना आसान नहीं होता। जब बात प्यार के इजहार की हो तो घबराहट, डर और असमंजस स्वाभाविक हैं। प्यार का इजहार सिर्फ शब्दों का खेल नहीं बल्कि हिम्मत, ईमानदारी और भावनात्मक समझ की परीक्षा भी है। डर रहता है कि सामने वाला क्या सोचेगा, जवाब क्या होगा और रिश्ता किस मोड़ पर पहुंचेगा। इसी वजह से कई लोग अपनी भावनाओं को लंबे समय तक मन में दबाए रखते हैं। लेकिन रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सही सोच, सही समय और सच्चे इरादों के साथ किया गया प्यार का इजहार ना सिर्फ आपके दिल का बोझ हल्का करता है, बल्कि रिश्तों में साफगोई और भरोसे की मजबूत शुरुआत भी कर सकता है।सबसे पहला कदम है खुद को समझना। प्यार जताने से पहले यह साफ कर लें कि आपकी भावनाएं सच्ची हैं और सिर्फ आकर्षण या अकेलेपन का परिणाम नहीं। जब आप अपने मन में स्प...