गाज़ियाबाद, सितम्बर 13 -- गाजियाबाद। हिंदी भवन में शनिवार को रहस्य और रोमांच से भरपूर नाटक सच कहें तो का मंचन हुआ। इसमें दिखाया गया कि गुनाहगार भले ही कोर्ट से रिहा हो जाए, मगर कुदरत के दंड से बच नहीं सकता। कानपुर रंगमंडल के कलाकारों ने अभिनय से नाटंक को जीवंत कर दिया। नाटक में धन संपन्न अविवाहित शिरीन वाडिया सहयोगी सरस्वती बाई के साथ आलीशान घर में रहती हैं। एक दिन शिरीन कहीं से घर लौट रही होती हैं कि तभी नितिन सावरकर (ऐश्वर्य दीक्षित) शिरीन को हादसे से बचा लेता है। नितिन उसी शहर में छोटे से घर में रहता है। वो शादीशुदा मगर बेरोजगार है। एक सिनेमा घर में दोनों की फिर से मुलाकात होती है। शिरीन नितिन को अपने घर आने को कहती है। नितिन एक दिन शिरीन के घर आता है और बातों, मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो जाता है। इन दोनों की नजदीकी सरस्वती को बिल्कुल...
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