कोडरमा, दिसम्बर 2 -- कोडरमा। चार दिन बाद पांच दिसंबर से हिन्दू पंचांग के अनुसार पौष मास यानी पूस प्रारंभ हो रहा है। यह महीना मौसम के लिहाज से हाड़ कंपा देने वाली ठंड के लिए प्रसिद्ध है। वहीं, धार्मिक और अध्यात्मिक दृष्टि से भी यह मास खास महत्व रखता है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इस मास में सूर्योपासना, तीर्थ स्नान, व्रत-दान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। लोग मानसिक और पारिवारिक शांति के लिए इस मास में विशेष व्रत रखते हैं। इस दौरान विशेष रूप से विनायक चतुर्थी, प्रदोष व्रत, सफला एकादशी, पौष पुत्रदा एकादशी और वैकुंठ एकादशी जैसे व्रत और पर्व मनाए जाते हैं। ध्वजाधारी धाम के महंत सुखदेवदास जी महाराज बताते हैं कि पौष मास में कोई बड़े पूजन या उत्सव का आयोजन नहीं होता। हालांकि, इस मास में जप, तप और नवग्रह शांति पूजन जैसे धार्मिक अनुष्ठान...