नई दिल्ली, जनवरी 2 -- 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा है और इसी दिन आसमान में एक खास नजारा भी देखने को मिलेगा। इस रात वुल्फ सुपरमून दिखाई देगा। यानी चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा के चांद की तुलना में ज्यादा बड़ा और ज्यादा चमकदार नजर आएगा। दरअसल इसके पीछे एक पुरानी कहानी जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि पुराने समय में जनवरी की कड़ाके की ठंड के दौरान जब चारों तरफ सन्नाटा होता था, तब जंगलों में भेड़ियों की आवाजें सुनाई देने लगती थीं। इन्हीं भेड़ियों यानी वुल्फ के नाम पर जनवरी की पूर्णिमा को वुल्फ मून कहा जाने लगा। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे करीब होता है, इसलिए इसका आकार और चमक सामान्य चांद से अलग और ज्यादा आकर्षक दिखाई देता है।सुपरमून का महत्व-सुपरमून को देखना अपने आप में एक खास अनुभव माना जाता है। इस दिन चंद्रमा सामान्य पूर्णिमा के चांद से लगभग 14 प्रतिश...