धनबाद, जनवरी 2 -- धनबाद। नववर्ष की पहली पूर्णिमा कल है। पौष पूर्णिमा पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस बार पौष पूर्णिमा पर ब्रह्म व इंद्र योग का शुभ संयोग बन रहा है। पौष पूर्णिमा के दिन पुनर्वसु नक्षत्र भी लग रहा है, जिसके स्वामी स्वयं वृहस्पति है। शक्ति मंदिर के प्रबंधक ब्रजेश मिश्र बताते हैं कि पुनर्वसु का अर्थ ही है नवीनीकरण यानी नई शुरुआत। नववर्ष पर पहले पूर्णिमा के दिन यह नक्षत्र देवी अदिती की कृपा दिलाएगा। पौष पूर्णिमा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत अहम है। इस दिन स्नान, दान, पूजा और व्रत करने से जीवन में सुख समृद्धि, उन्नति व मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। पौष पूर्णिमा पर संगम, नदियों और पवित्र जलाशयों में स्नान करने से पापों का नाश, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यह दिन माता लक...
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