नई दिल्ली, दिसम्बर 18 -- हिंदू धर्म में पौष अमावस्या का खास महत्व होता है। 19 दिसंबर को पौष अमावस्या है। यह साल की आखिरी अमावस्या भी रहेगी। इस तिथि पर पितरों का तर्पण और पिंडदान करने का विधान है। ऐसा कहते हैं कि पौष अमावस्या पर पितृ पूजन से जीवन की तमाम समस्याएं दूर होती हैं और घर में खुशियों का संचार होता है। इस बार की पौष अमावस्या और भी खास रहने वाली है, क्योंकि इस दिन कई शुभ संयोग बनने वाले हैं।क्या है संयोग पहला संयोग है- सूर्य और चंद्रमा का एक ही राशि में होनादूसरा संयोग है- शुक्रवार को है पौष अमावस्यातीसरा है- मंगलादित्य योग धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा का एक ही राशि में होना अमावस्या का मुख्य ज्योतिषीय आधार होता है, जो पितृ तर्पण और आत्मशुद्धि के लिए अनुकूल माना जाता है। यह संयोग पितरों के तर्पण, श्राद्ध के ...