वाराणसी, मई 1 -- वाराणसी। जिस कुंड को पुराणों में गंगा की सहोदरा कहा गया, जिसकी एक तीर्थ के रूप में प्रतिष्ठा रही और जिसे नगर की 'सुषुम्ना नाड़ी माना गया, उसका परिसर इन दिनों पियक्कड़ों, अवांछनीय तत्वों का अड्डा बन गया है। वह भी तब जब सामने ही पुलिस चौकी है। महिलाओं-लड़कियों ने यहां आना छोड़ दिया है। इससे जुड़े लोगों को पार्क के सुंदरीकरण के नाम पर हुए छल से उतना रंज नहीं है, जितना इन दिनों बने माहौल से है। उनका कहना है कि माहौल बदलेगा, तभी कुंड भी सुरक्षित रह पाएगा। शहर में लंबे-चौड़े क्षेत्रफल वाले गिनती के कुंड-पार्क बचे हैं। उनमें मछोदरी पार्क एक है। यहां के मॉर्निंग वाकरों ने मछोदरी पार्क सुरक्षा सेवा समिति का गठन किया है। समिति के प्रयासों से पार्क और कुंड का चार वर्ष पहले स्मार्ट सिटी ने सुंदरीकरण कराया। दो करोड़ रुपये से अधिक की ध...
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