कानपुर, नवम्बर 14 -- कस्बे के पाथा माई मंदिर में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ,एवं ज्ञान यज्ञ में कथा के तीसरे दिन शुक्रवार को कथा वाचक ने ध्रुव चरित्र, भक्त प्रहलाद चरित्र और नृसिंह अवतार प्रसंग पर कथा सुनाई। कथा वाचक भारत भूषण ने कहा कि हिरण्याकश्यप सबको आदेश दे रहा है,कि भक्त प्रहलाद को खत्म करो, भस्म करो। लकड़ियों के चारों तरफ जल्लाद खड़े कर दिए गए। इस दौरान जब आग का भयानक जलवा हुआ, तब भक्त प्रहलाद ने इतना ही कहा अच्छा भगवान, अच्छा मेरे राम तेरी मर्जी और भक्त प्रहलाद बच गए। नरसिंह अवतार में हिरण्याकश्यप को मार कर भक्त प्रहलाद को बचाया। भगवान की भक्ति में ही शक्ति है। उन्होंने कहा कि सभी अपने बच्चों को संस्कार अवश्य दें, इससे वह बुढ़ापे में अपने माता-पिता की सेवा कर सकें, गो सेवा,साधु की सेवा कर सकें। वही शाम को राम चरित मानस रामायणी ने कहा ...