गढ़वा, जुलाई 2 -- गढ़वा, प्रतिनिधि। आबादी बढ़ने के साथ प्राकृतिक संसाधनों का बेतरतीब दोहन भी बढ़ा है। वनीकरण के मामले में राज्यभर में गढ़वा में सबसे अधिक क्षेत्र बढ़ा है। वर्ष 1919 में 1391 वर्ग हेक्टेयर में वनक्षेत्र था। वहीं 2021 में बढ़कर यह 1431.72 वर्ग हेक्टेयर में हो गया। इस तरह जिले में करीब 40 वर्ग हेक्टेयर वनक्षेत्र में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उसके बाद भी साल दर साल गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर भी लगातार नीचे गिर रहा है। आईएसएफआर की रिपोर्ट के मुताबिक 2001 से 2023 के बीच वन क्षेत्र में 39 हेक्टेयर की गिरावट दर्ज की गई है। दक्षिणी वन प्रमंडल के डीएफओ एबिन बेनी अब्राहम बताते हैं कि राज्य में सबसे अधिक वनक्षेत्र में बढ़ोतरी गढ़वा में हुआ है। उसके बाद भी जलस्तर में गिरावट और गर्मी में बढ़ोतरी के अलग-अलग कारण हैं। गर्मी में बढ...
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