मुरादाबाद, अक्टूबर 3 -- कार्य के बेहतर रिकॉर्ड के लिए बाल विकास परियोजनाओं को लक्ष्य आधारित कार्य करना होगा। पोषण ट्रैकर को विभाग पूरी तरह से प्रभावी बनाने में जुटा है। इसलिए इसके आंकड़ों में पूरी पारदर्शिता और सच्चाई होनी चाहिए। यह प्रणाली हमारे प्रयासों का आइना है। यह बात शुक्रवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में महिला एंव बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान विभाग की उप निदेशक डॉ. अनुपमा शांडिल्य ने ही। डीडी ने केंद्र निर्माण, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित गर्भवतियों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की समीक्षा की। बताया कि सभी केंद्रों को और उत्पादक बनाना है। महिला और किशोरियों को जागरूक किया जाना है। इसके लिए प्रदेशीय अभियान शुरू होने वाला है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय ने मंडल की नोडल अधिकारी के रूप में ...
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