चेन्नई, मई 13 -- मंगलवार 13 को मई कोयंबटूर की महिला अदालत ने तमिलनाडु के पोलाची यौन उत्पीड़न मामले में सभी नौ आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी नौ लोगों को आपराधिक साजिश, यौन उत्पीड़न, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार और जबरन वसूली सहित कई आरोपों में दोषी पाया गया। 2019 में इस पूरे मामले ने देश को झकझोर कर रख दिया था। यह मामला न केवल अपनी क्रूरता के कारण सुर्खियों में रहा, बल्कि इसने सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी स्तर पर भी व्यापक बहस छेड़ दी। आइए, इस मामले के पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं।मामले की शुरुआत: फरवरी 2019 पोलाची, कोयंबटूर जिले का एक छोटा सा शहर है जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यह शहर फरवरी 2019 में एक भयावह यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग रैकेट के केंद्र में आ गया। इस मामल...
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