नई दिल्ली, जनवरी 16 -- झालावाड़ जिले के उन्हेल कस्बे में गुरुवार को राजनीति और भावनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला। मंच पर थीं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और सामने जनसैलाब। मौका था सांसद दुष्यंत सिंह की आशीर्वाद यात्रा के शुभारंभ का। भाषण की शुरुआत में ही वसुंधरा राजे ने अपने संघर्षों की ऐसी तस्वीर खींची कि पूरा माहौल तालियों और भावुकता से भर उठा। राजे ने शेराना अंदाज में कहा- "मैं चलती रही उम्रभर दुआओं के साथ, पांव के छाले कभी मेरी राहें नहीं रोक पाए।" इसके बाद उन्होंने अपने सांसद काल के दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे पदयात्राओं के दौरान पैरों में छाले पड़ जाते थे। "छाले पड़ते थे तो पिन से फोड़कर आगे बढ़ जाती थी, क्योंकि रुकना मेरे स्वभाव में नहीं है," यह कहते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि राजनीति उनके लिए सत्ता नहीं, स...