नई दिल्ली, फरवरी 12 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। दिल्ली हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन ने पैरोल और फरलो से जुड़ी प्रक्रिया में अहम बदलाव किए हैं। अब तिहाड़ से भेजे जाने वाले हर आवेदन के साथ कैदी से संबंधित विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से संलग्न की जाएगी। अधूरे दस्तावेज भेजने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। हाईकोर्ट में बीते दिनों एक मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया था कि जेलों से सक्षम प्राधिकारी के पास पहुंचने वाली फाइलों में कैदी के आचरण, सजा की अवधि, पूर्व में मिली पैरोल-फरलो, सुरक्षा आकलन और स्थानीय पुलिस की रिपोर्ट जैसे जरूरी विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं होते। इससे फाइलें बार-बार स्पष्टीकरण के लिए लौटती हैं और निर्णय में देरी होती है। अदालत ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना। एक पंक्ति ...
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