नई दिल्ली, फरवरी 20 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि पैतृक या विरासत में मिली संपत्तियां भी पीएमएलए के तहत कुर्क की जा सकती हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून में ऐसी संपत्तियों को कोई विशेष छूट नहीं दी गई। न्यायमूर्ति नवीन चावला व न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की खंडपीठ ने अरुण सूरी द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। अपील में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पीतमपुरा स्थित एक आवासीय संपत्ति की कुर्की को चुनौती दी गई थी। यह अपील अधिनियम की धारा 42 के तहत उस आदेश के विरुद्ध दायर की गई, जिसमें अपीलीय अधिकरण ने जुलाई, 2017 में जारी अस्थायी कुर्की आदेश की पुष्टि की थी। अरुण सूरी का तर्क था कि उक्त संपत्ति वर्ष 1991 में उनके पिता ने अपनी आय से संयुक्त नाम पर खरीदी थी। उसके अधिग्रहण में उनका कोई आर्थिक योगदान नहीं थ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.