रांची, जनवरी 25 -- रांची, वरीय संवाददाता। करमटोली स्थित केंद्रीय धुमकुड़िया में रविवार को पूर्व मंत्री देवकुमार धान की अध्यक्षता में पेसा नियमावली 2025 में संशोधन को लेकर बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से पांच सूत्री संशोधन प्रस्ताव पारित किए गए। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामसभा को विवाद निपटारा और समुदाय संचालन की वही शक्तियां मिलनी चाहिए, जो पारंपरिक संस्थाएं सदियों से निभा रही हैं। साथ ही, कोरम के अभाव में स्थगित बैठकों में भी दोबारा कोरम की अनिवार्यता लागू करने की मांग की गई, ताकि महत्वपूर्ण निर्णयों में पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में मुखिया द्वारा विशेष बैठक बुलाने के अधिकार को पारंपरिक ग्रामसभा अध्यक्ष के अधिकारों का अतिक्रमण बताया गया। इसके अतिरिक्त, जमीन अधिग्रहण नियमावली 2015 के 33% सहमति के प्रावधान को केंद्रीय कानून के असंगत बताया गया। प्र...