रांची, जनवरी 5 -- रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य में पेसा नियमावली लागू किए जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताया है। पार्टी का कहना है कि पेसा लागू होने से 25 वर्षों बाद गांव, ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय को उनका संवैधानिक अधिकार मिला है। झामुमो के अनुसार, पेसा नियमावली का विरोध भाजपा और उनके समर्थक सामंती मानसिकता के लोग कर रहे हैं, क्योंकि इसके लागू होने से उनकी आर्थिक और राजनीतिक पकड़ कमजोर हो गई है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि पेसा लागू होने से भाजपा का आर्थिक मेरुदंड टूट गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब तक मानकी मुंडा, डोकलो-सोहोर, महतो-मांझी, परगनैत या पाहन-पुजारा जैसे पारंपरिक ग्राम नेतृत्वकर्ता इसका ...