सिमडेगा, जनवरी 3 -- सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। झारखंड में अनुसूचित क्षेत्रों के लिए बनाए गए पेसा कानून के लागू होने से गांवों के स्वशासन को नई दिशा मिली है। इस कानून के माध्यम से ग्राम सभा को प्राकृतिक संसाधनों, विकास योजनाओं और स्थानीय निर्णयों में निर्णायक भूमिका मिलेगी। वर्षों से चली आ रही मांग के बाद पेसा कानून का जमीन पर उतरना आदिवासी समाज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। कानून लागू होने के बाद गांव स्तर पर जनप्रतिनिधियों और ग्राम प्रधानों में इसे लेकर सकारात्मक उम्मीदें देखी जा रही हैं।

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