अमरोहा, मई 26 -- बुधवार की आंधी से इतना आम टूटा कि तमाम बागों में पेड़ों के नीचे ढेर लग गए। तमाम उत्पादक व बागान स्वामियों को गिरा आम बीनने के लिए मजदूर नहीं मिले तो ऐसे बागों में आम पेड़ के नीचे पड़ा-पड़ा ही बेकार हो गया। उधर, मांग से कहीं अधिक आपूर्ति होने की वजह से मंडी में भी आम के खरीदार नहीं मिले या फिर औने-पौने दामों में आम खरीदा। जिसके चलते उत्पादक व बागान ठेकेारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उद्यान वैज्ञानिकों के मुताबिक बुधवार रात तेज आंधी से क्षेत्र में आम की फसल को पंद्रह फीसदी तक नुकसान हुआ है। आंधी इतनी तेज थी कि बिजली के खंभे व तार टूटकर गिर गए। तमाम बड़े पेड़ धराशाया हो गए। ऐसे में आम की फसल कैसे बच पाती। ठंडल से टूटकर आम जमीन पर आ गिरा। पेड़ों के नीचे आम के ढेर लग गए। गुरुवार सुबह आम से मंडी पट गई। जो आम मंगलवार त...
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