गोरखपुर, नवम्बर 18 -- गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता दिमागी तनाव, कब्ज, एसिडिटी, एक्जिमा, डर्माइटिस जैसी बीमारियों का सटीक इलाज हो सकता है। वह भी बगैर दवा का सेवन किए। यह संभव है प्राकृतिक चिकित्सा से। इस चिकित्सा का मूल है जीवन तत्व। जिसे हवा, मिट्टी और पानी के जरिए इलाज किया जाता है। जीवन तत्व ही बगैर दवा के बीमारियों का खात्मा करता है। उत्तर भारत में इसका सबसे बड़ा केन्द्र है आरोग्य मंदिर। यह केन्द्र बीते 85 वर्ष से प्राकृतिक चिकित्सा के जरिए लोगों का इलाज कर रहा है। यहां 30 से अधिक देशों के करीब एक लाख लोग इलाज करवा चुके हैं। यहां पर इलाज करवाने वालों में राजनेता, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक शामिल हैं। आरोग्य मंदिर के संचालक डॉ. विमल मोदी ने बताया कि इलाज का पहला चरण है जल चिकित्सा। यह पाचन तंत्र और त्वचा रोगों के लिए बेहद असरदार है। यहां ...