शाहजहांपुर, नवम्बर 24 -- उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद के करीब चार सौ से अधिक रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। परिषद प्रशासन द्वारा अचानक पेंशन रोक देने के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्टे जारी कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी। परिषद के रिटायर्ड कर्मियों ने बताया कि 1912 में स्थापित इस संस्था का पुनर्गठन 1976 में किया गया था, जिसके तहत राजकीय कर्मचारियों को परिषद में सम्विलियन के बाद राजकीय सेवा की भांति पेंशन का अधिकार सुनिश्चित किया गया था। शासनादेश और परिषद की सेवानियमावली के नियम-21 में स्पष्ट है कि परिषद के कर्मियों को राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर पेंशन मिलेगी। 2010 में हाईकोर्ट ने भी इस अधिकार की पुष्टि की थी। लेकिन अगस्त 2019 में तत्कालीन सचिव संजय आर भूसरेड्डी ने पेंशन रोक दी, जिसके बाद भारी विरोध ...