बागपत, नवम्बर 29 -- बागपत। पेंशनरों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा। उन्होंने बताया कि वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) द्वारा जारी संकल्प पत्र में पेंशन पुनरीक्षण को वेतन आयोग के दायरे से बाहर कर दिया गया है। पेंशनरों ने ज्ञापन में बताया कि पहले के सभी वेतन आयोगों में पेंशन पुनरीक्षण और अन्य लाभ स्पष्ट रूप से शामिल होते थे। सातवें वेतन आयोग के संकल्प पत्र (28 फरवरी 2014) में भी पेंशन पुनरीक्षण को मुख्य विषय बनाया गया था। हालांकि, वर्तमान संकल्प पत्र (3 नवंबर 2025) में आयोग की रिपोर्ट लागू होने की तिथि से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के पुनरीक्षण का कोई उल्लेख नहीं है। यह वेतन आयोगों के इतिहास में पहली बार हुआ है। पेंशनरों का कहना है कि इस बदलाव से करोड़ों प...