पलामू, अप्रैल 2 -- विश्रामपुर, प्रतिनिधि। वासंतिक नवरात्र को लेकर रेहला के सिद्धपीठ योगीवीर बाबा मंदिर परिसर में चल रहे रामकथा के दूसरे दिन सोमवार को वाराणसी से आये मानस मर्मज्ञ श्री श्री 1008 मारुति किंकर जी महाराज ने प्रभु श्रीराम का कथा श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का अवतार, रावण वध के साथ पृथ्वी से रावणत्व मिटाने के लिए हुआ था। रावण के समय भगवान परशुराम का भी अवतार हुआ था जो दानवों का वध कर सकते थे, किन्तु पृथ्वी से दानवता नहीं मिटा सकते थे। उस समय बलवानों में बाली जैसा बलवान था, जो रावण का वध तो कर सकता था, किन्तु पृथ्वी से रावणत्व नहीं मिटा सकता था। श्रीराम का अवतार दानव वध के साथ पृथ्वी से दानवता मिटाने के लिए हुआ और रावण वध के साथ इस पृथ्वी से रावणत्व मिटाने के लिए हुआ। प्रवचन के क्रम में उन्होंने कहा कि रावण दबाव से...
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