बदायूं, सितम्बर 3 -- कछला रोड स्थित माहेश्वरी भवन में मंगलवार को श्रीराम-कृष्ण समिति के बैनर तले शुरु हुई रामकथा के पहले दिन ऋषिकेश से पधारे कथावाचक अयोध्यादास रामायणी महाराज ने भगवान राम के विवाह का वर्णन करते हुए धनुष भंग के प्रसंग को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वामित्र मुनि राम और लक्ष्मण को लेकर जनकपुरी पहुंचे। वहां शिव धनुष तोड़ने की शर्त पर सीता का विवाह राम से तय हुआ। कथा कीं शुरुआत त्रेता युग में राक्षसों के अत्याचार और विश्वामित्र मुनि के यज्ञ की रक्षा से हुई। यज्ञ के बाद विश्वामित्र मुनि राम-लक्ष्मण के साथ जनकपुरी गए। राजा जनक द्वारा रखी गई शिव धनुष तोड़ने की शर्त और भगवान राम द्वारा धनुष भंग कर सीता से विवाह का प्रसंग कथा का मुख्य आकर्षण रहा। इस मौके पर नरेन्द्र गरल, डॉ. राजाबाबू , चंद्रपाल तोष्णीवाल, सत...
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