बदायूं, दिसम्बर 6 -- म्याऊं। भारतीय सेना में अग्निवीर बनकर एक बेटे ने अपने फौजी पिता का सपना पूरा किया है। युवक के अग्निवीर में चयन होने पर परिवार व गांव में खुशी का माहौल है। पूर्व फौजी का बेटा जब फौजी बनकर सैनिक की वर्दी में गांव लौटा तो लोगों ने फूल माला पहनाकर उसका स्वागत किया। संघर्ष से सफलता तक की यह कहानी क्षेत्र के गांव गौरामई निवासी पूर्व सैनिक प्रेमसिंह यादव के छोटे बेटे मृदुल यादव की है। जहां एक पूर्व फौजी के बेटे ने अग्निवीर भर्ती परीक्षा में पास होकर कठिन ट्रेनिंग के बाद यह सफलता हासिल की है। पिता का सपना था कि दो बेटों में से एक बेटा फौज में पहुंचे। पिता के इस सपने को छोटे बेटे मृदुल गौरांग यादव ने अग्निवीर बनकर पूरा किया। ट्रेनिंग के बाद जब वह अपने घर वापस लौटा तो परिवार व गांव के लोगों ने फूल मालाओं से लादकर उसका भव्य स्वा...