नई दिल्ली, दिसम्बर 5 -- करीब दो दर्जन से ज्यादा पूर्व जजों, वकीलों और शिक्षाविदों ने देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत को एक खुला खत लिखकर रोहिंग्याओं के खिलाफ की गई उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है। चिट्ठी में कहा गया है कि CJI द्वारा रोहिंग्याओं की तुलना घुसपैठियों से करना गलत है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि रोहिंग्या जुल्म और अत्याचार से भागे हुए लोग हैं। चिट्ठी लिखने वालों ने CJI से अपील की है कि वे सभी के लिए सम्मान और न्याय पर आधारित संवैधानिक नैतिकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पक्का करें, चाहे कोई भी व्यक्ति हो और कहीं का भी हो। पूर्व जजों और वकीलों के साथ कैंपेन फॉर ज्यूडिशियल अकाउंटेबिलिटी एंड रिफॉर्म्स टीम भी CJI को चिट्ठी लिखने वालों में शामिल है। इस खुली चिट्ठी में इन लोगों ने हाल ही में हुई सुनवाई में CJI की बें...