नई दिल्ली, जनवरी 10 -- उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का केंद्र रहने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को वाराणसी की जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने शुक्रवार को उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। यह मामला हिंदू युवा वाहिनी के नेता द्वारा दर्ज कराई गई एक एफआईआर से जुड़ा है। इसमें अमिताभ ठाकुर पर सोशल मीडिया के जरिए छवि धूमिल करने का आरोप लगाया गया था। जमानत के बाद भी हालांकि अमिताभ जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। देवरिया जमीन धोखाधड़ी के मामले में अभी उन्हें जेल में ही रहना होगा। वह इस समय देवरिया की जेल में ही बंद हैं।क्या था पूरा विवाद? मामले की जड़ें 30 नवंबर 2024 की एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी हैं। अमिताभ ठाकुर ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल...