मुजफ्फरपुर, फरवरी 8 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। ध्वजा प्रसाद साहू जिले के प्रसिद्ध स्वत्रंत्रता सेनानी, गांधी और खादी के सच्चे साधक व अनगनित प्रतिभाओं के धनी व्यक्ति थे। उन्होंने अपने विपरीत जीवन परिस्थितियों में भी एक ऐसी मिसाल कायम किया जो देश और समाज को वर्षों तक प्रेरित करता रहेगा। अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में खादी ग्रामोद्योग के माध्यम से गांव-गांव में रचनात्मक कार्यों का जाल बिछाया जो ध्वजा बाबू की स्मृति का आज भी गवाह है। राम खेतारी गांव के एक गरीब किसान परिवार में पैदा हुए ध्वजा बाबू के सिर से बचपन में ही पिता का साया उठ गया था। देश प्रेम का जज्बा उन्हें राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन की ओर खींच ले गया। ध्वजा बाबू के जीवन पर खुदीराम बोस की शदाहत का गहरा असर था और वे अनुशीलन पार्टी जो बंगाल के क्रांतिकारियों के गर्म दल...
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