लखनऊ, दिसम्बर 4 -- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि निजीकरण की दृष्टि से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। वर्ष 2017 में पॉवर कार्पोरेशन द्वारा निर्धारित मानक की तुलना में 48 फीसदी तक संविदाकर्मी कम किए जा रहे हैं। इससे बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त हो रहा है। समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि निजीकरण के लिए उतावलेपन में पावर कार्पोरेशन प्रबंधन हजारों संविदा कर्मियों को हटाकर प्रदेश की बिजली व्यवस्था पटरी से उतार देने पर आमादा है। मई 2017 के आदेश के अनुसार शहरी क्षेत्र में एक उपकेंद्र पर 36 कर्मचारी और ग्रामीण क्षेत्र में 20 कर्मचारी का मानक है। शहरी क्षेत्र में 36 के स्थान पर 18.5 और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 के स्थान पर 12 कर्मचारी प्रति उपकेंद्र...