बलरामपुर, फरवरी 22 -- गैड़ास बुजुर्ग, संवाददाता। जिलेभर में रमजान की रौनक देखते ही बन रही है। मस्जिदों में नमाज, घरों में इबादत और रोज़ा रखने की परंपरा के बीच मुस्लिम समुदाय अल्लाह को राजी करने में जुटा है। हालांकि रोज़ा केवल आध्यात्मिक साधना नहीं, बल्कि सेहत के लिहाज से भी लाभकारी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संयमित खानपान और अनुशासित दिनचर्या शरीर और मन दोनों को सुदृढ़ बनाती है। यही वजह है कि रमजान के अलावा भी कई लोग व्रत या उपवास को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाते हैं। चिकित्सक डॉ. एहसान खान ने कहा कि रमजान बुरी आदतों से छुटकारा पाने का एक बेहतर अवसर है। रोज़े के दौरान धूम्रपान, तंबाकू, अल्कोहल और अत्यधिक मीठे के सेवन से दूरी बनती है, जिससे नशे की लत पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। नियमित रूप से सीमित भोजन लेने से ...
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