गंगापार, अगस्त 14 -- हल षष्ठी पर ग्रामीण क्षेत्र में ललही मां का पूजनकर महिलाओं ने परिवार व पुत्रों के कल्याण की कामना की। प्राय: हर गांव में जगह जगह महिलाओं की टोली ललही माता के पूजन अर्चन में लगी रही। प्राचीन परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दो दिन पहले हल षष्ठी पर ललही माता के पूजन का महिलाओं में खास उत्साह रहता है। इस पूजन में फसही का चावल, भैंस का दूध, दही, महुए का पकवान खास रुप से प्रचलन में रहा है। साल में एक दिन ललही महारानी के पूजन के चलते फसही का चावल 120 रुपये किलो, महुआ 80 रुपये किलो, केला 60 से 70 रुपये दर्जन, भैंस का दूध 70 रुपये लीटर तक बिका। विभिन्न बाजारों में सजी महिलाओं द्वारा पूजन के दौरान ललही माता की पूजन विधि और कथा के साथ ही कजरी भी गायी गयी। इस त्यौहार को लेकर ग्रामीण महिलाओं में खास उत्साह रहा। भाजपा मांडा...
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