रांची, फरवरी 17 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में राज्य में पुल गिरने की घटनाओं की जांच की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार की ओर से अब तक जवाब दाखिल नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अगली सुनवाई तक जवाब दाखिल नहीं किया गया तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से 10 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राशि याचिकाकर्ता को दी जाएगी और इसका भुगतान राज्य के खजाने से नहीं किया जा सकेगा। यह जनहित याचिका पंकज कुमार यादव द्वारा दाखिल की गई है, जिसमें पिछले दस वर्षों में राज्य में पुल गिरने की घटनाओं की जांच कराने की मांग की गई है। अदालत ने अ...
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