शिवम सिंह, फरवरी 19 -- Teaching job: खाकी का क्रेज युवाओं में अब कम हो रहा है। आरक्षी ही नहीं, दरोगा भी दूसरे विभाग में क्लर्क या शिक्षक की नौकरी तलाश रहे हैं और मिलते ही त्यागपत्र दे रहे हैं। पिछले कुछ महीने में छह सिपाहियों ने बिहार में शिक्षक की नौकरी हासिल करने के बाद पुलिस विभाग से त्यागपत्र दे दिया है। पिछले वर्ष भी दूसरे सरकारी विभागों में लिपिक की नौकरी के लिए दरोगा समेत चार आरक्षी पुलिस की नौकरी से तौबा कर चुके हैं। क्लर्क बनने के लिए पुलिस विभाग छोड़ने वालों में दरोगा शशि रंजन भी शामिल हैं। रिटायर अफसर इसकी दो वजह बताते हैं। पहला पुलिस विभाग में छुट्टी की दिक्कत और दूसरा, काम का बोझ। पुलिस के अलावा दूसरे सरकारी विभाग में नौकरी पाने के लिए परीक्षा ही पास करनी होती है। जबकि पुलिस विभाग में आने के लिए कठिन शारीरिक परीक्षा से भी गुज...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.