प्रयागराज, नवम्बर 13 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली में जुलूस निकालने के दौरान 'सिर तन से जुदा' का नारा लगाने और पुलिस पर हमला करने की घटना को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पुलिस पर हमला करने का मतलब राज्य पर हमला करना है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अजय भनोट एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने घटना के मुख्य आरोपी अदनान व एक अन्य याचिका खारिज करते हुए की। इससे पूर्व कोर्ट इसी मामले के गौहर खान व शाकिब जमाल की याचिका खारिज कर चुकी है। अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी व अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम परितोष कुमार मालवीय ने याचिका का विरोध किया। अपर महाधिवक्ता ने कहा कि आरोपियों ने न सिर्फ उन्मादी नारे लगाए बल्कि पुलिस पर हमला किया, जिससे दो कांस्टेबलों को चोट आई। उनकी वर्दी भी फाड़ दी गई। भीड़ में शामिल लोग बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश में थे और या...
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