लखनऊ, दिसम्बर 4 -- बलरामपुर पुलिस की कार्यशैली पर हाईकोर्ट ने सवाल किया है। पुलिस ने असंवेदनशील निर्णय लेते हुए अपहरण और दुराचार के एक मामले में नाबालिग पीड़िता व एफआईआर दर्ज कराने वाले उसके पिता को ही पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का नोटिस भेज दिया। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एसपी, बलरामपुर ने हलफ़नामा दाखिल कर पॉलीग्राफ टेस्ट का नोटिस होने की जानकारी दी, लेकिन एक तथ्य छिपा लिया। यह कि उक्त पॉलीग्राफ टेस्ट कराने संबंधी पुलिस का प्रार्थना पत्र स्थानीय अदालत ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने एसपी के शपथ पत्र को झूठा करार देते हुए चौंकाने वाला बताया। न्यायालय ने प्रमुख सचिव (गृह) को व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल कर पूरे मामले पर जवाब देने अथवा अगली सुनवाई पर हाजिर होने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसम्बर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन...