मथुरा, दिसम्बर 17 -- यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसे में मृत लोगों की पहचान करना पुलिस के लिए बहुत मुश्किल होगा। इसके लिए मृतकों के दांत, छाती की बीच की हड्डी और बाल आदि जांच के लिए प्रिजर्व किए जाएंगे। साथ ही पहचान के लिए मृतक के माता-पिता, बेटा-बेटी के सैंपल भी लिए जा सकते हैं। 72 घंटे तक शव पीएम हाउस पर रखे रहेंगे। हादसे में 13 लोगों की मौत हुई है। इनमें चार की पहचान हो चुकी है। इनके नाम अखिलेन्द्र प्रताप निवासी इलाहाबाद, रामपाल 75 निवासी दिल्ली, सुल्तान अहमद 76 निवासी गोंडा, रामगोपाल, जिला महराजगंज, यूपी है। परिजन इनके शवों को ले जा चुके हैं। जिन मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है उनकी बॉडी या जो हिस्सा बचा है उसको डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। कंट्रोल रूम प्रभारी डा. गोपाल गर्ग के अनुसार पोस्टमार्टम के नियमानुसार यदि किसी मृतक की...