हल्द्वानी, नवम्बर 29 -- चन्द्र प्रकाश। हल्द्वानी कभी पांच, दस और 20 पैसे के सिक्के बस बचपन की याद और जेब का खरचा होते थे। लेकिन जमाना बदला और यही सिक्के चलन से गायब हो गए और इतिहास बन गए। इन्हीं पुराने चिल्लरों से सहारनपुर के रहने वाले कारीगर नवा ने अब वक्त को नई पहचान दी है। जिसे उन्होंने न केवल कला और नजाकत दी बल्कि अपने आय का स्त्रोत बना आत्मनिर्भरता का प्रमाण दिया। हल्द्वानी के एमबी ग्राउंड में चल रह सहकारिता मेले में लगे नवाज के स्टॉल पर टंगी इन घड़ियों को देख लोग अचंभित हो रहे हैं। नवाज ने ग्राहकों को बताया गया कि इन घड़ियों में 5, 10 और 20 पैसे के पुराने सिक्के इस्तेमाल हुए हैं और चिल्लरों से बनी इन बेशकीमती घड़ियों की कीमत Rs.ढाई से तीन हजार रुपये प्रति घड़ी है। नवाज़ ने कहा कि सिक्कों को फेंकने या भूलने के बजाय उन्होंने सोचा कि क्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.