लखीसराय, दिसम्बर 6 -- कजरा,एक संवाददाता। पुरातात्विक अवशेषों को अपने गर्भ में समेटे जिले का कजरा आज भी जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की घोर उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। थाना क्षेत्र में खुदाई के दौरान लगातार मिल रहे पुरातात्विक महत्व के अवशेष इसका ताजा उदाहरण है। बीते कुछ वर्ष पूर्व श्रृंगी ऋषि धाम से कुछ दूरी पर स्थित एक तालाब की जेसीबी के द्वारा खुदाई की जा रही थी तो उसी दौरान हजारों वर्ष पुराना जमीन की गर्भ में दबा शिवलिंग प्राप्त हुआ। शिवलिंग काले पत्थर से बना हुआ है तो वहीं एक शिलाखंड पर भगवान शिव एवं माता पार्वती की तस्वीर भी उकेरी गई है। वहीं कजरा श्रीघना स्थित इटवाडीह में भी कई बौद्ध कालीन अवशेष देखे जा रहे हैं। लगभग 15-20 एकड़ में फैले इस टीले नुमा जमीन के अंदर कई बौद्ध कालीन पुरातात्विक महत्व के अवशेष के दबे होने की संभावना जताई ...