संतकबीरनगर, फरवरी 18 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में सरकार एक तरफ गांवों को डिजिटल क्रांति से जोड़ने के साथ ऑन लाइन सेवाएं देने एवं स्मार्ट सुविधाओं से लैस करने के दावे कर रही है। वहीं जिले के गांव की हकीकत कुछ और ही है। सेमरियावां ब्लाक के ग्राम पंचायत पुरवा की जमीनी हकीकत सरकार के इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां आज भी प्राथमिक विद्यालय की सुविधा नहीं है। गांव के बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित हैं। गांव में स्वास्थ्य सेवा की सुविधा नहीं है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने से ग्रामीण हैंडपंप के पानी का प्रयोग कर रहे हैं। ग्रामीणों को मिलने वाली आवासीय सुविधा व रात में स्ट्रीट लाइट की रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाएं ही नदारद हैं।सेमरियावां ब्लाक के ग्राम पंचायत पुरवा 1995 से 2015 तक वासिन ग्राम पंचायत में शामिल था। उस ...
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