लखनऊ, जनवरी 20 -- विवि और सिपेट के बीच फरवरी में एमओयू होना प्रस्तावित लखनऊ, संवाददाता। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में अब कृत्रिम अंगों के लिए किट परिसर में ही बनाई जा सकेगी। अभी तक विवि इन किट्स को बाजार से खरीदता था। इसके मद्देनजर फरवरी में विवि और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सिपेट) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) होना प्रस्तावित है। इसके बाद विवि में सिपेट के सहयोग से कृत्रिम पैर का पंजा सहित अन्य भाग (पार्ट्स) की निर्माण प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। इसको लेकर सिपेट में आयोजित दो दिवसीय थ्रीडी प्रिंटिंग व कम्प्यूटर एडेड डिजाइन (कैड) आधारित स्किल अपग्रेडेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान विवि और सिपेट के अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य अतिथि विवि के अधिष्ठाता अकादमिक प्र...