दरभंगा, जून 26 -- दरभंगा। आनंद सत्संग आश्रम, वैदेही नगर छपकी पररी, लक्ष्मीसागर में सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा में आचार्य वेदानंद शास्त्री आनंद ने भगवान शुकदेव के आगमन और बाबा केशव पात्र प्रेम को वर्णित किया। उन्होंने कहा कि हर पुत्र को शुकदेव की तरह ही सत पुत्र और सत पात्र होना चाहिए क्योंकि सत पात्रता ही हमें चरम पर पहुंचाती है।
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