मॉस्को, दिसम्बर 3 -- राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 4-5 दिसंबर को होने वाली भारत यात्रा से पहले रूस की निचली संसद स्टेट डूमा ने मंगलवार को भारत के साथ एक महत्वपूर्ण सैन्य समझौते को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी। इस समझौते का नाम रिक्रिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक सपोर्ट (RELOS है। यह कदम दोनों देशों के रक्षा सहयोग में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। रूसी प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तिन ने इस समझौते को पिछले सप्ताह डूमा के समक्ष अप्रूवल के लिए भेजा था। इसके पारित होने के बाद अब यह समझौता दोनों देशों की सेनाओं के बीच लॉजिस्टिक सहयोग को व्यापक और सुव्यवस्थित बनाएगा।भारत के साथ संबंध रणनीतिक और व्यापक- डूमा स्पीकर स्टेट डूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन ने कहा कि भारत और रूस के रिश्ते समय की कसौटी पर खरे और रणनीतिक हैं। उन्होंने सदन में...